Social Science Class 10th CBSE important Questions 2021
Samajik Vigyan class 10 important
10th class sst in Hindi important Q & A
सामाजिक विज्ञान class 10th important Questions 2021
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कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान के नोट्स, महत्त्वपूर्ण प्रश्न और अभ्यास पत्र
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सामाजिक विज्ञान class 10th important Questions 2021
अध्याय – 6 ( विनिर्माण उधोग )
प्र .1 भारत की आर्थिक प्रगति का आधार विर्निमाण उधोग होते है । उत्तर की पुष्टि कीजिए । ( 2015 )
Ans – भारत में विनिर्माण उद्योग का सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30% का योगदान है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा करीब 280 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाते हैं। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि निर्माण उद्योग राष्ट्रीय आय तथा रोजगार के प्रमुख स्रोत हैं।
प्र .2 उधोग एव कृषि एक दूसरे से पृथक नही ये एक दूसरे के पूरक है । इस कथन के पक्ष मे तर्क दीजिए ।
या ”
उधोगो ने भारतीय कृषि की पैदावार बदोतरी को प्रोत्साहन दिया है ” उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।
Ans – कृषि और उद्योग हाथ से चलते हैं। उदाहरण के लिए
1. भारत में कृषि आधारित उद्योगों ने कृषि क्षेत्र में समग्र वृद्धि के लिए एक प्रमुख बढ़ावा दिया है।
2. विभिन्न उद्योगों, उदाहरण के लिए, सूती कपड़ा उद्योग अक्सर कपास जैसे इनपुट प्रदान करने के लिए कृषि क्षेत्र पर निर्भर करता है।
3. उद्योग कृषि प्रक्रिया को आसानी से पूरा करने के लिए किसानों को सिंचाई पंप, उर्वरक, कीटनाशक, कीटनाशक, प्लास्टिक और पीवीसी पाइप, मशीन और अन्य प्रकार के उपकरण प्रदान करते हैं।
4. कुल मिलाकर, विनिर्माण उद्योगों ने न केवल अपने उत्पादन को बढ़ाने में कृषिविदों की मदद की है बल्कि उत्पादन में शामिल प्रक्रियाओं को भी बहुत प्रभावी और कुशल बनाया है।
5. परिवहन के विभिन्न साधनों के विकास ने किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंच प्रदान की है, इस प्रकार, उन्हें एक बड़े स्तर पर व्यापार करने में सक्षम बनाया गया है।
प्र .3 उधोगो की स्थिति को प्रभावित करने वाले कारको का वर्णन कीजिए । ( 2011 , 2015 )
Ans – उद्योगों की अवस्थिति अनेक कारकों से प्रभावित होती है। इनमें कच्चे माल की उपलब्धि, ऊर्जा, बाज़ार, पूंजी, परिवहन, श्रमिक आदि प्रमुख हैं।
प्र .4 विभिन्न आधारो पर उधोगो का वर्गी करण कीजिए । ( 2016 )
Ans – श्रम के आधार पर-
♦️ बड़े पैमाने के उद्योग- सूती कपड़ा व विभिन्न प्रकार की मशीनों से संबंधित यांत्रिक उद्योग।
♦️ मध्यम पैमाने के उद्योग- साइकिल, रेडियो, टेलीविज़न आदि इस वर्ग के उद्योग हैं।
♦️ छोटे पैमाने के उद्योग- ग्रामीण, लघु तथा कुटीर उद्योग छोटे पैमाने के उद्योग हैं जो व्यक्तिगत परिवारों तक ही सीमित रहते हैं।
कच्चे माल के तथा निर्मित वस्तुओं के आधार पर-
♦️ भारी उद्योग- लोहा इस्पात उद्योग।
♦️ हल्के उद्योग- वस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक पंखे, सिलाई मशीन आदि।
स्वामित्व के आधार पर-
♦️ सार्वजनिक उद्योग- दुर्गापुर, भिलाई और राउरकेला के लौह-इस्पात केंद्र।
♦️ निजी उद्योग- खाद्य, कपड़ा, औषधियाँ आदि।
♦️ सयुक्त या सहकारी उद्योग
कच्चे माल के स्रोत के आधार पर-
♦️ कषि आधारित उद्योग-सूती वस्त्र, पटसन, चीनी, वनस्पति तेल आदि।
♦️ खनिजों पर आधारित उद्योग –एल्युमिनियम, सीमेंट आदि उद्योग।
♦️ वनों पर आधारित उद्योग- कागज़, लाख, रेसिन आदि उद्योग।
प्र .5 सूती वस्त्र उधोग भारतीय अर्थ व्यवस्था में एक महत्व पूर्ण स्थान रखता है । स्पष्ट कीजिए । ( 2016 , 2015 )
Ans – सूती वस्त्र उद्योग का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। सूती वस्त्र उद्योग में तीन क्षेत्रक सम्मिलित हैं, यथा- मिल क्षेत्रक, हथकरघा और पॉवरलूम (विद्युत् करघा)। यह देश के सर्वाधिक व्यापक रूप से वितरित उद्योगों में से एक है तथा इसमें देश के कुल औद्योगिक श्रम का पांचवां हिस्सा संलग्न है। परन्तु अधिकांश सूती वस्त्र मिलें अभी भी सिन्धु-गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान (Great plains) और प्रायद्वीपीय भारत के कपास उत्पादक क्षेत्रों में ही अवस्थित हैं।
प्र .6 भारत मे जूट उधोग नदी के किनारे पर ही स्थित क्यो है ? कारण बताइए । ( 2012 , 2014 )
Ans – हुगली घाटी के मुख्य गुण हैं; जूट उत्पादक क्षेत्रों से निकटता, सस्ता जल यातायात, रेल और सड़क का अच्छा जाल, जूट के परिष्करण के लिये प्रचुर मात्रा में जल और पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश से मिलने वाले सस्ते मजदूर
प्र .7 हाल के कुछ वर्षों में चीनी उधोग दक्षिण की ओर प्रतिस्थापित हो रहा है । भारत मे चीनी उधोग की समस्याँए बताइए । ( 2012 , 2016 )
Ans – भारत, विश्व में गन्ना और गन्ना उत्पादों का अग्रणी उत्पादक देश है। 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में चीनी उद्योग की शुरुआत उत्तर प्रदेश और बिहार में नील की मांग में कमी आने के बाद की गई है। चीनी उद्योग के लिये मूलभूत कच्चा माल गन्ना है, जिसकी कुछ विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
●गन्ने को लंबे समय तक भंडारित नहीं किया जा सकता, क्योंकि उस स्थिति में यह सुक्रोज़ का क्षय कर देता है।
●इसका परिवहन लंबी दूरी तक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसकी परिवहन लागत अधिक होती है और इसके सूखने की भी आशंका रहती है।
भारत में चीनी उद्योग से संबंधित समस्याएँ:
●उचित एवं लाभकारी मूल्य के निर्धारण से संबंधित समस्याएँ, साथ ही किसानों को दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता को लेकर केंद्र और राज्यों के मध्य समन्वय का अभाव।
●अधिकांश चीनी मिलों की पेराई क्षमता सीमित है। पुरानी मशीनरी, वसूली की न्यून दर, उत्पादन की उच्च लागत आदि लाभ को कम कर देते हैं।
●बिना किसी नियंत्रण के गुड़/खांडसारी उद्योग द्वारा गन्ना के एक-तिहाई भाग का उपयोग किया जाता है, जो चीनी मिलों में गन्ने की कमी का कारण बनता है।
●गन्ने की पेराई अवधि 4-6 महीने की होती है, अतः इसकी प्रकृति मौसमी है, जो श्रमिकों के लिये वित्तीय समस्याएँ उत्पन्न करती है।
प्र .8 लौहाइस्पात उधोग को आधार भूत उधोग क्यों कहा जाता है । ( 2012 )
Ans – लोहा इस्पात उद्योग आधारभूत उद्योग
●लोहा- इस्पात उद्योग का उपयोग मशीनो , रेल्वे लाइन ,यातायात के साधन, रेल-पुल, जलपान, अस्त्र शस्त्र एवं कृषि-यन्त्र आदि बनाने में प्रयोग किया जाता है
●किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का यह आधार स्तम्भ होता है
●यह आधुनिक औद्योगिक ढाँचे का आधार और राष्ट्रीय शक्ति का मापदण्ड है इसलिए लोहा इस्पात उद्योग को आधारभूत उद्योग कहा जाता है।
प्र . 9 भारत मे उधोग पर्यावरण को प्रदूषित करने का महत्वपूर्ण कारण है । इनके द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण का वर्णन कीजिए । ( 2013 )
Ans – विभिन्न प्रकार के इन उद्योगों की उत्पादन इकाइयों से प्रतिदिन उत्पन्न विषैली गैसें जैसे-कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड हाइड्रोकार्बन, नाइट्रोजन के विभिन्न ऑक्साइड, पार्टिकुलेट पदार्थ, लेड, एस्वैस्टास, पारा, कीटनाशक तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों के कण वायुमंडल को प्रदूषित कर रहे हैं।

